Home कर्मचारी राज्य सहकारी बैंक के 17 करोड़ डूबने से बचे, राज्य सहकारी बैंक को वापस मिले 17 करोड़, पूर्व में सहकारी बैंक को लग चुकी है 32 करोड़ की चपत, गलत इन्वेस्टमेंट के मामले में कई अफसरों के खिलाफ चल रही है जांच 

राज्य सहकारी बैंक के 17 करोड़ डूबने से बचे, राज्य सहकारी बैंक को वापस मिले 17 करोड़, पूर्व में सहकारी बैंक को लग चुकी है 32 करोड़ की चपत, गलत इन्वेस्टमेंट के मामले में कई अफसरों के खिलाफ चल रही है जांच 

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राज्य सहकारी बैंक के 17 करोड़ डूबने से बचे, राज्य सहकारी बैंक को वापस मिले 17 करोड़, पूर्व में सहकारी बैंक को लग चुकी है 32 करोड़ की चपत, गलत इन्वेस्टमेंट के मामले में कई अफसरों के खिलाफ चल रही है जांच 

राज्य सहकारी बैंक के 17 करोड़ डूबने से बचे, राज्य सहकारी बैंक को वापस मिले 17 करोड़, पूर्व में सहकारी बैंक को लग चुकी है 32 करोड़ की चपत, गलत इन्वेस्टमेंट के मामले में कई अफसरों के खिलाफ चल रही है जांच

देहरादून।

राज्य सहकारी बैंक को बाजार में इनवेस्ट किए गए अपने 16 करोड़ रुपये मुनाफे के साथ 17 करोड़ में वापस मिल गए हैं। इस पैसे के लौटने को लेकर तमाम आशंकाएं बनी हुई थी। क्योंकि पूर्व में भी बैंक के 32 करोड़ गलत इन्वेस्टमेंट के कारण डूब चुके हैं। इस मामले में अफसरों के खिलाफ जांच भी चल रही है।
राज्य सहकारी बैंक ने म्यूच्वल फंड कंपनियों में इन्वेस्ट किया। यही इन्वेस्टमेंट बैंक के गले फंस गया। जिन कंपनियों में इन्वेस्ट किया, वो पैसा एक के बाद एक डूबने लगा। यहां तक की लागत भी वापस नहीं हो पाई। इन हालात में एक कंपनी में निवेश किए गए 16 करोड़ रुपये बैंक को वापस मुनाफे के साथ मिल गए हैं। इससे बैंक के अफसरों ने राहत की सांस ली। हालांकि अभी कई अन्य कंपनियों पर निवेश किया गया पैसा वापस नहीं आया है।
बैंक ने कई ऐसी कंपनियों में भी निवेश किया, जिनकी माली हालत ठीक नहीं थी। बाजार में कंपनी की वित्तीय स्थिति बेहतर न होने के बावजूद उन कंपनियों में किए गए निवेश को लेकर अफसरों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे अफसरों को चिन्हित किया जा रहा है। जिनके कारण बैंक को बड़ा नुकसान पहुंचा। उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। पहले शासन स्तर से पहले ही कार्रवाई की संस्तुति हो चुकी है। अब बैंक अपने स्तर पर पड़ताल कर रहा है। ताकि आरोपियों को अपनी बात कहने का अंतिम मौका मिल सके।

बैंक उपाध्यक्ष की रिपोर्ट पर सबकी नजर
राज्य सहकारी बैंक के उपाध्यक्ष महावीर कुकरेती की रिपोर्ट पर अब सबकी नजर लगी हुई है। क्योंकि जिन मामलों में बैंक उपाध्यक्ष जांच कर चुके हैं। उन मामलों की पूर्व में भी कई बार जांच हो चुकी है। जिसमें गड़बड़ी की पुष्टि हुई है।

राज्य सहकारी बैंक के कंपनी में इनवेस्ट किए गए 16 करोड़ पूरे मुनाफे के साथ वापस आ गए हैं। बैंक को किसी भी प्रकार का वित्तीय नुकसान नहीं पहुंचा। बल्कि इस इन्वेस्टमेंट में लाभ ही हुआ है।
मुकेश महेश्वरी, जीएम राज्य सहकारी बैंक

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