भूजल स्तर के मामले में खतरनाक स्तर पर पहुंचे राज्य के पांच ब्लॉक, केंद्रीय भूजल आयोग ने हरिद्वार में भगवानपुर, बहादराबाद और हल्द्वानी, काशीपुर, खटीमा ब्लॉक को घोषित किया सेमी क्रिटिकल
देहरादून।
भूजल स्तर के मामले में राज्य के पांच ब्लॉक खतरनाक स्तर पर पहुंच गए हैं। केंद्रीय भूजल आयोग ने हरिद्वार में भगवानपुर, बहादराबाद और हल्द्वानी, काशीपुर, खटीमा ब्लॉक को सेमी क्रिटिकल घोषित किया है।
विधायक काजी निजामुद्दीन और ममता राकेश के सवाल पर इसकी जानकारी स्वयं सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने सदन में दी। विधायकों ने सवाल किया कि केंद्रीय जल आयोग ने भगवानपुर और बहादराबाद क्षेत्र समेज राज्य के और कौन से क्षेत्रों को क्रिटिकल जोन घोषित कर दिया है। इसके कारण यहां नये नलकूप का निर्माण नहीं हो पा रहा है। इससे किसानों को सिंचाई की समस्या पेश आ रही है। ऐसे में सरकार इस क्षेत्र को क्रिटिकल जोन से बाहर निकालने और किसानों को राहत देने को क्या कर रही है।
सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने साफ किया कि क्रिटिकल जोन सिंचाई विभाग ने तय किया है। ये निर्धारण केंद्र सरकार के स्तर पर होता है। इसमें राज्य सरकार के स्तर पर कुछ भी बदलाव नहीं किया जा सकता है। जब तक ये क्षेत्र सेमी क्रिटिकल श्रेणी से बाहर नहीं आते, यहां राज्य सरकार नये ट्यूबवेल नहीं लगा सकती। ऐसे में यहां सिंचाई की समस्या के समाधान को भगवानपुर ब्लॉक में इकबालपुर से यूपी की सहमति के बाद उत्तरी गंग नहर से नहर निकाली जानी प्रस्तावित है। इस नहर के निर्माण से सिंचाई की समस्या का समाधान हो सकेगा। साथ ही भूजल स्तर में भी इजाफा होगा। इसके साथ ही भगवानपुर एवं बहादराबाद में भूजल स्तर बढ़ाने को क्षेत्रीय निदेशक सीजीडब्ल्यूबी और सिंचाई विभाग के स्तर से कार्य योजना तैयार की जा रही है। प्रस्तावित ड्राफ्ट में किसानों को फसल पैटर्न में बदलाव को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जाएगा। अधिक जल उपयोग वाली फसलों जैसे धान, गन्ना के स्थान पर ऐसी नगदी फसलों, बागवानी को तैयार किया जाएगा। ताकि जल की जरूरत कम हो।
नैनीताल जिले में 2584 करोड़ की लागत से बनने वाले जमरानी बांध से हल्द्वानी शहर और पेरी अरबन क्षेत्रों को पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही हल्द्वानी ब्लॉक और तराई के क्षेत्रों में भूजल स्तर सुधरेगा। इसके साथ ही राज्य में देहरादून में सूर्यधार बैराज, अल्मोड़ा में गगास, पिथौरागढ़ में थरकोट, चंपावत में कोलीढेक जलाशय का निर्माण कुल लागत 138.39 करोड़ के काम चल रहे हैं। जल संरक्षण, संवर्द्धन और पेयजल को 11 जलाशयों के निर्माण की योजना तैयार की जा रही है।




