त्रिवेंद्र सरकार में किसानों पर विशेष फोकस, किसानों से 1400 मीट्रिक टन सेब खरीद कर फरवरी में 944 मीट्रिक टन बाजार में बेचा, हरिद्वार में नौ समितियों के जरिए 500 एकड़ में मक्का की फसल से 2500 एमटी सायलेज तैयार किया
गैरसैंण।
सहकारिता के जरिए राज्य में किसानों की आय को दोगुना किए जाने का प्रयास किया गया। उत्तराखंड सेब फैडरेशन का गठन कर किसानों को जोड़ा जा रहा है। उन्हें सेब की उन्नत नस्ल के पौधे देने के साथ तकनीकी ज्ञान और बाजार दिया जा रहा है। इस वर्ष किसानों से 1400 मीट्रिक टन सेब खरीद कोल्ड स्टोरेज में रखा गया। जिसे फरवरी के महीने में बेच कर मुनाफा कमाया गया।
आर्थिक सर्वेक्षण में इसक जिक्र करते हुए बताया गया कि ए, बी, सी ग्रेड का 1400 मीट्रिक टन सेब खरीदा गया। इसमें से 944 एमटी सेब बाजार में बेचा गया। किसानों को लाभ देने और पशुपालकों को आसान दरों पर पशु चारा उपलब्ध कराने का काम किया गया। हरिद्वार, देहरादून में नौ सहकारी समितियों ने 500 एकड़ क्षेत्रफल पर 2500 मीट्रिक टन मक्का की फसल से तैयार होने वाले सायलेज का उत्पादन किया। किसानों जुताई, सिंचाई, बीज, खाद्य का भुगतान भी समिति स्तर से किया गया। ई रिक्शा कल्याण योजना के तहत 1726 महिला एवं पुरुषों को 23.64 करोड़ का ऋण ई रिक्शा खरीद के लिए दिया गया। नाबार्ड के सहयोग से 102 सहकारी समितियों को बहु सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।




